बड़ा सुहाना मनभावन मौसम आया है,
बादलों से गिरती बूंदों ने,
धरती का संताप मिटाया है।
बड़ा मनभावन मौसम आया है।।
काले-काले बादल उमड़_ घुमड़ कर आए,
मेढक भी देखो बिलों से निकल,
टर्र_ टर्र का गीत सुनाए,
कोयल ने मीठी वाणी में,
मधुर संगीत सुनाया है।
बड़ा मनभावन मौसम आया है।।
वृक्षों के कोमल पत्तों पर,
हरियाली फिर से भर आई,
गर्मी की तपन ज्यों दूर हुई,
तन मन में शीतलता त्यों आई,
दामिनी तड़की फिर मेघों ने,
ठंडी फुहार बरसाया है,
मस्त पवन के झोंकों ने,
रूह को सुकून पहुंचाया है।
बड़ा सुहाना मनभावन मौसम आया है।।
मनभावन मौसम
Comments
8 responses to “मनभावन मौसम”
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Very nice
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बहुत लाजवाब कविता
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बहुत ही सुन्दर कविता
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वाह
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Nice line
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Nice poem
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रूह को सुकून पहुंचाया है।
Touching lines -
Natural poem are very beautiful
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