महामारी से मुक्ति प्रार्थना

महामारी से मुक्ति प्रार्थना
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हे दुख भंजन दयानिधे
कृपासिंधु . .. भव पार करें।
करो कृपा हम दीनजनों पर,
दूर करो सब कष्ट धरा पर।

करे तपस्या सब जन घर पर,
बंद पड़े प्रभु द्वार धरा पर।

मुक्ति दे दो कष्ट हरो सब
खत्म करो यह महादानव अब।

छिन गई खुशियां
बंद हैं हंसी
डर हैभीतर,
सहम गए सभी
भूख प्यास सब हो गयाआधा,
विचलित मन जाए ना साधा।

अब तो सुन लो अरज हमारी,
दूर करो अब यह महामारी।
हवा विषैली अब ना करेंगे मिलजुल कर हम काम करेंगे।
नित नए पेड़ लगा देंगे हम
धरती को स्वर्ग बना देंगे हम।
रोक दिया जब जीवन तुमने
दिखलाया दर्पण फिर तुमने
समझाया
यदि चाहो करना
ठान लो मन में तो कुछ नहीं मुश्किल।
दूर प्रदूषण करके दिखाया
प्रकृति ने हम को बंधक बनाया
पशु पक्षियों को फिर से आजादी देदी।
हम सबको यू सबक सिखाया।।
प्रण लेते हैं भगवन आज से
हरी भरी धरती कर देंगे
स्वस्थ रहेंगे धरा स्वच्छ रखेंगे।
क्षमा प्रार्थना करते सब मिल
कष्ट हरो अब बढ़ाओ ना मुश्किल।

निमिषा सिंघल

Comments

7 responses to “महामारी से मुक्ति प्रार्थना”

  1. Dhruv kumar

    Jay ho parbhu

  2. हारिए न हिम्मत
    विसारिए न हरिनाम

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