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  1. वो शब्द कहाँ है शब्दकोष में
    जो माँ की महिमा का बखान करे।
    शारदे की लेखनी भी माँ बनके
    मातृशक्ति का भरसक गान करे।।
    माँ स्रष्टा है माँ द्रष्टा है
    माँ हीं तो है पालनकारी।
    औगुन हरती बच्चों की ये
    बन रूद्रों की अवतारी।।
    माँ से हीं तो ‘विनयचंद ‘
    अग जग में सम्मान बढ़े।।

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