माना कुछ बुराईयां…..

माना कुछ बुराईयां है मुझमें,
मगर सारी अच्छाईयां नहीं है तुझमें,
फर्क इतना-सा ,
मैं हुबहु कहता,
और तू बनाकर।

Comments

25 responses to “माना कुछ बुराईयां…..”

  1. वाह क्या बात है, वाह

  2. Suman Kumari

    सुन्दर भाव

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      धन्यवाद जी ,🙏सुप्रभात

  3. Geeta kumari

    सच्चाई से परिपूर्ण सुंदर रचना

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद मैडम जी

  4. बहुत ही सुंदर, बहुत ही लाजबाब

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      🙏🙏

  5. Rishi Kumar

    दशरथ के तरकस से
    यह शब्दबेदी बाण हो लाए|
    जो शब्द सुन कर तीर चलाए
    वह दशरथ की कला हो लाए|
    कवियों की पहचान यही है,
    मर जाएं बीन सत्य कहे ना रह पाए||
    ✍✍✍✍👌👌👌👌👌👌

    1. वाह, क्या बात है, वाह

    2. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत सुंदर ऋषि जी
      मेरी रचना “चश्में वाले नेता जी” उसको आज प्रकाशित करूंगा
      सच को अपने विचारो में प्रकट करने की कोशिश की है उसमें भी।🙏🙏

      1. मोहन सिंह मानुष Avatar
        मोहन सिंह मानुष

        🙏🙏

  6. बात में दम है

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      🙏🙏🙏

  7. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    🙏🙏

  8. Pratima chaudhary

    बहुत खूब

Leave a Reply

New Report

Close