माना कुछ बुराईयां…..
माना कुछ बुराईयां है मुझमें,
मगर सारी अच्छाईयां नहीं है तुझमें,
फर्क इतना-सा ,
मैं हुबहु कहता,
और तू बनाकर।
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वाह क्या बात है, वाह
, धन्यवाद सर 🙏
सुन्दर भाव
धन्यवाद जी ,🙏सुप्रभात
NICE
Thank you
वाह
धन्यवाद जी
True Lines
Thank you
सच्चाई से परिपूर्ण सुंदर रचना
बहुत बहुत धन्यवाद मैडम जी
बहुत ही सुंदर, बहुत ही लाजबाब
🙏🙏
दशरथ के तरकस से
यह शब्दबेदी बाण हो लाए|
जो शब्द सुन कर तीर चलाए
वह दशरथ की कला हो लाए|
कवियों की पहचान यही है,
मर जाएं बीन सत्य कहे ना रह पाए||
✍✍✍✍👌👌👌👌👌👌
वाह, क्या बात है, वाह
बहुत सुंदर ऋषि जी
मेरी रचना “चश्में वाले नेता जी” उसको आज प्रकाशित करूंगा
सच को अपने विचारो में प्रकट करने की कोशिश की है उसमें भी।🙏🙏
Yessssssss
वाह,वाह
🙏🙏
Nice
बात में दम है
🙏🙏🙏
🙏🙏
बहुत खूब