मायानगरी

हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती
एक बार फिर साबित यह होता है
मत भागो चमकती चीज़ों के पीछे
यह सब एक छलावा हैं
उस चमक के पीछे भाग कर
हम सबने खुद को ही दांव पर लगाया है।

Comments

8 responses to “मायानगरी”

    1. Anu Singla

      Thanks

    1. Anu Singla

      शुक्रिया जी

  1. बहुत खूब अति सुन्दर

    1. Anu Singla

      शुक्रिया जी

  2. Geeta kumari

    Nice lines

    1. Anu Singla

      Thanks

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