मेरा खोंटा सिक्का…!!

दुनिया में हर तरीके के लोगों से
मिलने के बाद
दर-दर की ठोकरें खाने के बाद
सभी के प्यार को आजमाकर
गैरों से दिल पर चोट खाकर
समझ आ गया मुझको,
निरमोही है पर सच्चा है
‘मेरा खोंटा सिक्का’ ही
सबसे ही सबसे अच्छा है !!

Comments

6 responses to “मेरा खोंटा सिक्का…!!”

  1. Rajeev Ranjan Avatar
    Rajeev Ranjan

    बिल्कुल सच प्रज्ञा जी
    देर से सही पर सबको समझ आता है
    जो है पास उसी से सच्चा नाता है

    1. मुझे पता ही नहीं था कि इस पर आपकी टिप्पणी मिलेगी..
      धन्यवाद मैं बहुत खुश हूँ

  2. Rajeev Ranjan Avatar

    बिल्कुल सत्य प्रज्ञा जी

  3. Geeta kumari

    Very true lines pragya.

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