मैंने नहीं देखा

मैंने नहीं देखा
सुना है कि कल अज्ञात गरीब की बेटी का
बलात्कार हो गया
मैंने नहीं देखा
सुना है कि कल पड़ोसी के घर में चोरी हुई
मैंने नहीं देखा
सुना है कि दबंगों ने युवक को पीट पीट कर मार डाला और सीना जोरी हुई
मैंने नहीं देखा
सुना है कि जाने माने नेता जी के चरित्र में दाग लगे और उनकी कमजोरी हुई
मैंने नहीं देखा
सुना है कि अज्ञात किसान के खेत जल गए और सुंदर लोरी हुई
मैंने नहीं देखा
सुना है कि वहां पुलिस वाले भी आए
गवाह के लिए सबके दरवाजे खटखटाए
मगर एक ही उत्तर पाए
मैंने नहीं देखा
सुना भी नहीं
पुलिस वाले पछता रहे हैं इस प्रकार जा रहे है
क्या आपने देखा? यदि हां
तो पुलिस को जरूर बताना

Comments

7 responses to “मैंने नहीं देखा”

  1. मैंने नहीं देखा
    सुना है कि कल अज्ञात गरीब की बेटी का
    बलात्कार हो गया
    मैंने नहीं देखा
    —— यथार्थ पर आधारित बहुत सुन्दर रचना है। बहुत खूब

  2. राकेश पाठक

    सादर धन्यवाद

  3. Ekta Gupta

    यथार्थ चित्रण

  4. बहुत ही अच्छा लिखा है।अति सुन्दर रचना

  5. वास्तविक चित्रण

  6. बहुत ही सुंदर

Leave a Reply

New Report

Close