मैं अपनी याद ..

‘मैं अपनी याद तेरे दामन से समेट लूँ तो मगर,
तेरे हिस्से की कोई खुशी न साथ आ जाए..’

– प्रयाग

Comments

12 responses to “मैं अपनी याद ..”

  1. क्या बात है 👌
    बहुत अच्छा लगा

    1. शुक्रिया प्रज्ञा जी

  2. Geeta kumari

    बेहद शानदार प्रस्तुति

    1. धन्यवाद जी

  3. This comment is currently unavailable

    1. जी दोनो हो सकते हैं लेकिन दरअसल ये मेरी एक ग़ज़ल का शेर है जिसका मीटर ‘समेट लूँ तो मगर’ पर आकर राइम होता है इसलिए वही का वही यहाँ पोस्ट किया है ।

    1. धन्यवाद जी

  4. वाह वाह, बहुत खूब

    1. बहुत आभार आपका

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