मैं कविताएं नहीं लिखती
ना लिखना ही जानती हूँ
बस अपनों के दिये दर्द ही
बयां करती हूँ..
मैं कविताएं नहीं लिखती
Comments
4 responses to “मैं कविताएं नहीं लिखती”
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बहुत उम्दा
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बहुत ख़ूब
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बस अपनों के दिये दर्द ही
बयां करती हूँ..
वाह बहुत खूब।
दर्द ही तो कविता की जननी है। सुमित्रानन्दन पंत जी ने कहा था कि – वियोगी होगा पहला कवि, आह से निकला होगा गान। -
वाह
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