27 Comments

  1. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति
    पिता बेटी के मधुर प्रेम को प्रकट करती हुई सुंदर प्रस्तुति
    एक पिता अपनी पूरी जिंदगी अपनी बेटी का जीवन खुशहाल बनाने के लिए लगा देता है मगर दहेज के लोभियों का मुह दानव से भी ज्यादा लंबा और चौड़ा है जो हमेशा खुलता रहता है

  2. ससुराल में सबने पूछा ,बहू दहेज़ में क्या लाई,
    किसी ने ये नहीं देखा, एक बेटी क्या – क्या छोड़ के आई…
    बहुत अच्छी कविता लिखी है।आपकी लेखनी को प्रणाम🙏

  3. आपने सत्य को उजागर करने में भरपूर सफलता पाई है। वाकई ससुराल में पूछा जाता है, कि क्या लेकर आई है। यह नहीं देखा जाता कि बचपन से लेकर अब तक का पूरा संसार ही छोड़ कर आई है।

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