10 Comments

  1. अगर मैं यहां काम किया और अमृता प्रीतम से भी ज्यादा उच्चस्तरीय लगी।
    तो कोई समझाना होगा क्योंकि सच बात तो यही है।
    कि आपकी कविता अमृता प्रीतम की कविता का
    सिर्फ शीर्षक ही नहीं लिए हैं।
    बल्कि उसकी आत्मा को अपनी कविता में संजोकर
    सुंदर बना रही है जिस की समीक्षा कर पाना बहुत ही मुश्किल है।

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