मैं लिखती हूं कुछ अलग-सा,
मुझे इंसानों से ,न नफ़रत हैं,
बस करती, निंदा बुराइयों की,
दुःख देने की , न हसरत है।
मैं लिखती हूं कुछ अलग-सा
Comments
16 responses to “मैं लिखती हूं कुछ अलग-सा”
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NICE
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Thank you
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वाह
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धन्यवाद
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद सर
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,सुंदर
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धन्यवाद
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सुन्दर
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Thank you
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Very nice
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Thank you
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good line
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Thank you
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Awesome
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धन्यवाद
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