तुम्हारा और मेरा हाल
एक जैसा ही है,
तुम्हें गैरों से फुर्सत नहीं
हमें तुम्हारी यादों से…
यादें..
Comments
11 responses to “यादें..”
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बहुत उम्दा, प्रज्ञा जी
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Thanks
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बेहतरीन प्रस्तुति
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Thanks
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सुंदर
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Thanks
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शेर में काफी दम है। तभी तो शेर आज भी जवां है।।
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Thanks
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बहुत खूब, बहुत शानदार
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Thanks
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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