ख्वाहिशें थी तुम्हें पाने की साहब !
पर बदनामी के सिवा कुछ ना हाथ आया..
ख्वाहिशें !!!
Comments
11 responses to “ख्वाहिशें !!!”
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वाह, अतीव सुन्दर, क्या कहने
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धन्यवाद
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बहुत खूब
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Thank u
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दिल की बातों को कैसे कागज़ पर इतनी खूबसूरती से उतार लेती हो।
कमाल का हुनर है।-

बस दर्द ही इतना है कि हर बात पर कविता लिख सकती हूं
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सुंदर
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Thanks
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काफी लाजवाब है।
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Thanks
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सुन्दर पंक्तियां
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