लो आ ही गयी साहब, उनकी याद, आज फिर आखिर;
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और वो आज फिर नहीं आये, इतने इंतज़ार के बाद !!…..#अक्स
“याद” #2Liner-55
Comments
One response to ““याद” #2Liner-55”
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आज कुछ देखने को जी चाहता है
बहुत ही लाजवाबकृपया सावन पर आएं और अपनी अनमोल कविताओं से सावन के मंच को सजाएं
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