याद

चाय की चुस्कियों पर ही
तुम्हारी याद आती है,
बाकी तो व्यस्तता है,
जो मुझे दिन भर सताती है।
जिस दिन अधिक शक्कर पड़ी हो
खास कर उस दिन,
तुम्हारी याद आती है,
दिन भर रुलाती है।
— डॉ0 सतीश पाण्डेय, चम्पावत

Comments

9 responses to “याद”

  1. Indra Pandey

    Waah

    1. Satish Pandey

      Thanks

  2. MS Lohaghat

    सुंदरता

    1. Satish Pandey

      Thank u

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद जी

  3. चाय की चुस्की ऊपर ही तुम्हारी याद आती है क्या बात कही आपने

    1. Satish Pandey

      👏

      1. Abhishek kumar

        🙏

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