ये कैसा कारवां जो कभी खत्म ना हुआ,
वह उम्मीद कभी न धुंधली हुई और न मिटी ,
वह साथ पाने का जज्बा अभी भी बरकरार है।
ये कैसा कारवां
Comments
14 responses to “ये कैसा कारवां”
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बहुत खूब
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धन्यवाद जी
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद मैम
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बहुत खूब
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धन्यवाद सर
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Wow
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धन्यवाद जी
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सुन्दर प्रस्तुति
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धन्यवाद सर
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सुंदर
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धन्यवाद सर
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद
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