रंगमंच

दुनिया के रंगमंच में कुछ किरदार ऐसे
होते हैं जो कभी किसी का ध्यान
आकर्षित नही कर पाते…
मगर उनके बिना अधूरी है कहानी
की खूबसूरती…!!
वो कभी नहीं करते प्रयास कहानी का
नायक बनने का…
मगर पूरी तत्परता से निभाते हैं अपना
किरदार बिना किसी सराहना
की उम्मीद किये…!!
और एक दिन ज़िन्दगी की पेचीदा पटकथा
में उलझकर खो जाते हैं नेपथ्य में…!!

मैं तुम्हारी दुनिया के रंगमंच का शायद
वही किरदार हूँ..!!

©अनु उर्मिल ‘अनुवाद’
(27/03/2021)

Comments

8 responses to “रंगमंच”

  1. Geeta kumari

    मगर पूरी तत्परता से निभाते हैं अपना
    किरदार बिना किसी सराहना
    की उम्मीद किये…!!
    और एक दिन ज़िन्दगी की पेचीदा पटकथा
    में उलझकर खो जाते हैं नेपथ्य में…!!
    ________ नारी की जिंदगी की सच्चाइयों को बयान करती हुई बहुत सुंदर और यथार्थ रचना हे सखि… विश्व रंगमंच दिवस की हार्दिक बधाई

  2. अनुवाद

    धन्यवाद सखि….आपको भी विश्व रंगमंच दिवस की शुभकामनाएँ

    1. सुस्वागतम् सखि

  3. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

  4. बहुत सुंदर

  5. vikash kumar

    Jay ram jee ko

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