रवायत

हर मुश्किल को चुनौती देने की हमारी रवायत है
हम नारी हैं, हर रिश्ता हमारे लिए एक इबादत है ।
हर नामुमकिन को मुमकिन बनाना अपनी आदत है
हर खुशी, स्वप्न की अनदेखी कमजोरी , शहादत है।

Comments

8 responses to “रवायत”

  1. “कमजोरी नहीं ”
    ‘नहीं ‘छूट गया था

  2. Praduman Amit

    भावुक रचना।

    1. सादर आभार

    1. सादर आभार

  3. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

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