रोजगार की बात करना भी जरूरी है
क्योंकि रोटी जीवन के लिए जरूरी है
युवा जो तैयारी कर रहे हैं प्रतियोगिताओं की
उनके लिए परीक्षाएं होना भी जरूरी है।
विज्ञापन नहीं निकलेंगे, परीक्षाएं नहीं होंगी
तो कैसे युवा पीढ़ी की आशाएं सफल होंगी।
रोजगार की बात करना भी जरूरी है
Comments
16 responses to “रोजगार की बात करना भी जरूरी है”
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Nice poem, very nice
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Thank you
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हां सही बात है, युवाओं के लिए रोजगार की बात सोचना जरूरी है
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सादर धन्यवाद
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बेरोज़गारी, आज युवा वर्ग की ज्वलंत समस्या बन चुकी है। डिग्रियां ले कर भी युवा वर्ग निराश है, हताश है। रोज़गार के नए साधन नहीं आएंगे तो युवा पीढ़ी कहां जाएगी ।वाह, सर आपने ये मुद्दा उठा कर एक सराहनीय कदम उठाया है।
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कविता का इतना सुंदर विश्लेषण और समीक्षा आपकी बहुमुखी प्रतिभा और ज्ञान का परिचायक है, गीता जी। कविता के भाव की इतनी बेहतरीन व्याख्या करने हेतु आपको हार्दिक धन्यवाद, अभिवादन।
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बहुत ही सुन्दर
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सादर धन्यवाद जी
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बहुत बेहतरीन
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Thank you
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सुंदर विचार
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सादर धन्यवाद जी
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बेहतरीन
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बहुत बहुत धन्यवाद
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अतिसुंदर रचना
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सादर आभार, शास्त्री जी
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