रोटी का समाधान होगा

ले लो ना
खीरा ले लो,
चटपटा नमक लगा खीरा,
मसालेदार चना ले लो,
ले लो जी,
गुब्बारे ले लो,
रंग बिरंगे गुब्बारे।
आप लोगे
हमारी मजबूरी
का समाधान होगा,
आप खीरा, चना लेंगे,
हमारी रोटी का
समाधान होगा।

Comments

4 responses to “रोटी का समाधान होगा”

  1. Praduman Amit

    Very nice poem

  2. बहुत सुंदर

  3. Geeta kumari

    गरीब फेरी वाले का दर्द बयां करती हुई कवि सतीश जी की सुंदर कविता

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