8 Comments

  1. फिर भी लोग पूरे समय मिस्त्री की ही वाह-वाह करते हैं
    मजदूर को एक कठपुतली की तरह इधर-उधर नचाते रहते हैं
    बहुत सुंदर

  2. बहुत सुंदर कविता स्तरीय पर आधारित:-
    हर मिस्त्री भी कभी
    मजदूर रहा होता है
    मेहनत में तपने वाले का
    हाल अच्छा होता है
    मजदूर को अनुभव कम रहता है
    उमर भी कम रहती है
    सिविल यांत्रिकी इसके दम पर
    सदा फूलती फलती है
    इक दौर था इनके अपने
    मकान नहीं होते थे
    मजदूर अनुभव से इक दिन
    मिस्त्री बन जाता है
    उसका अपना घर होता है
    रहने के लिए औरों को जगह देता है
    मिस्त्री की सीढ़ियां चढ़कर
    वो मकान मालिक तक बनता है
    जवानी में कितने मेहनत का फल उसे
    बुढ़ापे में आकर मिलता है

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