हुक्के सी हैं लत्त तुम्हारी,
लगी जो ; हम से छुट्टे ना ।
और रेशम-सा हैं विश्वास हमारा
कभी जो तुमसे टूटे ना ।………
विश्वास
Comments
7 responses to “विश्वास”
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ऐसा ही होगा
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बहुत ही खूबसूरत जवाब।👌🙏
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धन्यवाद
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बहुत खूब मानुष जी
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बहुत बहुत मेहरबानी सर🙏
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खूब
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धन्यवाद जी
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