शायरी

कुछ इधर से खाया कुछ उधर से
मोटे पेट हो गए
रात भर नकली नोट छापे
सुबह सेठ हो गए

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3 responses to “शायरी”

  1. नकली नोट सुबह सेठ में अनुप्रास अलंकार का प्रयोग

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