वे सो रहे हैं

वे सो रहे हैं व्यवस्था को,
जेब में लेकर,
हम रो रहे हैं ,
हाथ में मोमबत्तियां लेकर!
वे जागते हैं अक़्सर चुनाव में,
और हम हादसों में ….

Comments

5 responses to “वे सो रहे हैं”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सभी जन का समीक्षा के लिए बहुत बहुत आभार

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद जी 🙏

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