आजकल वफ़ा और कदर सोने के भाव है,
मगर धोखा यहां पुलिस की तरह ,
हर चौराहे पर मिलता है।
शायरी
Comments
11 responses to “शायरी”
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bahut khoob
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बहुत बहुत आभार
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Nice
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Thank you
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कम शब्दों में यथार्थ की सुंदर प्रस्तुति करती ‘मानुष’ जी की रचना, वाह
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बहुत-बहुत आभार, धन्यवाद सर
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आज के समय का यथार्थ चित्रण..
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धन्यवाद जी 🙏
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True
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🙏
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वेलकम
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