शायरी

आजकल वफ़ा और कदर सोने के भाव है,
मगर धोखा यहां पुलिस की तरह ,
हर चौराहे पर मिलता है।

Comments

11 responses to “शायरी”

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत आभार

  1. Satish Pandey

    कम शब्दों में यथार्थ की सुंदर प्रस्तुति करती ‘मानुष’ जी की रचना, वाह

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत-बहुत आभार, धन्यवाद सर

  2. आज के समय का यथार्थ चित्रण..

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद जी 🙏

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      🙏

      1. Abhishek kumar

        वेलकम

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