5 Comments

  1. किसी को न तोड़ो,
    जिन्दगी को सच्ची
    दिशाओं में मोड़ो।…
    रख लो, रहो खुश
    निराशा को छोड़ो।
    …….. कवि सतीश जी की कलम से निकली, बहुत सुंदर पंक्तियां सत्य ही कहा है जिंदगी में निराशा को छोड़ जिंदगी को आशाओं की तरफ मोड़ना चाहिए जीवन दर्शन से जुड़ी हुई यथार्थ रचना लाजवाब अभिव्यक्ति , उत्तम लेखन

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