10 Comments

  1. वाह, कवि सतीश जी ने कविता की बहुत ही सुन्दर शब्दों में सराहना की है “जरा सी पंक्तियों में तुम बड़ी सी बात कहती हो सहृदय में विचरती हो दिलों में राज करती हो।” कविता का अति सुंदर मानवीकरण किया है ,और बताया है कि कविता कम पंक्तियों में बड़ी बात कहने में सक्षम होती है ।बहुत सुंदर भवाभिव्यक्ति , सुंदर शिल्प और सुंदर प्रस्तुति ।

    1. कविता का इतना सुंदर विश्लेषण, इतनी सुंदर समीक्षा हेतु धन्यवाद शब्द कुछ भी नहीं है। कविता के भाव का बहुत ही सुंदर ढंग से विश्लेषण करने हेतु आपको अभिवादन है। गीता जी

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