सब कहते हैं! ज़माना बुरा है,
मगर ज़माना बना तो हम से ही है,
हम ढुंढते है खामियां औरों में,
क्या सारी अच्छाईयां हम में ही है!
सब कहते हैं!
Comments
10 responses to “सब कहते हैं!”
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सुंदर
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धन्यवाद सर
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सही कहा
बुरा जो देखन मै चला बुरा ना मिलया कोय
जो दिल खोजा आपनों
मुझसे बुरा ना कोय..-

बहुत बहुत आभार, सुंदर समीक्षा के लिए
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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धन्यवाद सर
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बात पते की…
किसी की अच्छाई का इतना मत फायदा उठाओ
कि वह बुरा बनने के लिए मजबूर हो जाए!-

🙏🙏 हार्दिक धन्यवाद
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Bahut achha
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धन्यवाद
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