यह न समझो हम बहुत दिल के बुरे हैं
बस जरा अनदेखियों से बुझ गए हैं,
लक्ष्य के थे पास लेकिन गिर गए थे
फिर उसे पाने में पूरे खप गये हैं।
इसलिए थोड़ा समय कम दे रहे हैं आपको
आप दिल के हो करीबी
जान लो खुद भाव को।
जान लो खुद भाव को
Comments
14 responses to “जान लो खुद भाव को”
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बहुत खूब
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सादर धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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बहुत धन्यवाद
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Beautiful
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हार्दिक धन्यवाद
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बहुत खूब
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सादार आभार
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बहुत खूब
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धन्यवाद जी
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सुन्दर
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सादर धन्यवाद जी
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कवि का स्वयं के बारे में बताने का..अति सुन्दर भाव
….. अति सुन्दर प्रस्तुति-
कविता के भाव को पकड़ने हेतु आपको बहुत बहुत धन्यवाद जी
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