समय

यह समय बड़ा बलवान है
समय पर लिखना कितना आसान है
पर समझ पाना मुश्किल
जितना उलझो इसे समझने में
उतना ही जटिल
किसी के लिए हाथों से फिसलती रेत
तो किसी के लिए बेवफा सनम जैसा
आज इसके साथ
कल उसके साथ
इसके फेर से कहां कोई बच पाया
न राम न विक्रमादित्य
जब अच्छा समय हो
तो जल्दी गुजर जाता है
बुरा कहां कट पता है
आज कोई शेर है जंगल का
कल कोई और ही पहलवान है
समय बड़ा बलवान है

Comments

2 responses to “समय”

  1. बिल्कुल सही कहा आपने

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