सुन ले बिटिया रानी

प्यारी-प्यारी बिटिया रानी,
कहे मां कह एक कहानी
राजा हो या रानी
मां तेरी कविता लिखती है,
कैसे कहे कहानी
फ़िर भी सुन, ओ बिटिया रानी
एक थी झांसी की रानी,
मनु नाम था बचपन का
ब्याह के बाद,लक्ष्मीबाई
हुई झांसी की रानी
राजा जी नि:संतान मरे थे,
करुणा भरी कहानी
सुन ले बिटिया रानी
तीर, तलवार सब सीखे रानी ने,
निज रक्षा की ठानी
साहस भरी कहानी
गोरों से लड़ गई अकेली,
हार ना उसने मानी
हुई कुर्बान स्व-देश पर,
साहसी बहुत थी रानी
वीरता भरी कहानी
तो,आज के युग में बिटिया रानी,
स्वयं को वज्र बनालो
निज रक्षा करने हेतु,
आज के दौर में,
कॉपी कलम उठा लो
निज पैरों पर खड़ी होगी,
जब होगी तू सयानी
सुन ले बिटिया रानी
साथ निभाएंगे तब तेरा सभी,
जी लेना अपनी ज़िन्दगी
पर मत बनना अभिमानी,
अब सो जा बिटिया रानी ।।

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “सुन ले बिटिया रानी”

  1. Virendra sen Avatar
    Virendra sen

    खूबसूरत रचना

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर

  2. बहुत सुंदर रचना
    तथा समाज को सुंदर संदेश देती रचना

    1. Geeta kumari

      बहुत सारा धन्यवाद प्रज्ञा

    1. Geeta kumari

      सादर आभार भाई जी 🙏

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