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  1. “सरसराती सुबह की ठंडी बयार है” में आनुप्रासिक छटा विद्यमान है, नए प्रातः का आगाज होने पर जागने की प्रेरणा देते हुए प्राकृतिक सौंदर्य में सरोबार होने की प्रेरणा दी गयी है। वाह

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