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  1. जब हर ओर निराशा हो,
    आशा की किरण दिखा देना।
    जब राहों में हो घोर निशा,
    दीपक बन कोई राह दिखा देना।
    —— कवि गीता जी की एक एक पंक्ति बहुत लाजवाब है। कविता में मौलिकता है। आदर्श है। कम शब्दों में बड़ी बात कही गयी है।

    1. कविता की इतनी सुंदर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद।आपकी लेखनी से निकली इस प्रेरक समीक्षा हेतु तहे दिल से शुक्रिया

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