7 Comments

  1. प्यारे-प्यारे रंग-बिरंगे
    फूल ही फूल खिला दे। हँसी के—
    ढंग-बेढंदी हुई जिंदगानी,
    होली में ढंग दिला दे।
    हँसी के होली में फूल खिला दे।
    __________ होली के अवसर पर कवि सतीश जी द्वारा रचित, बहुत ही सुंदर और स्नेहिल रचना सुंदर शिल्प और सुंदर प्रवाह लिए हुए अति उत्तम लेखन

  2. होली में फूल खिला दे
    हँसी के, होली में फूल खिला दे।
    प्यारे-प्यारे रंग-बिरंगे
    फूल ही फूल खिला दे। हँसी के—
    ढंग-बेढंदी हुई जिंदगानी,
    होली में ढंग दिला दे।

    प्रेम से परिपूर्ण पंक्तियां, सरल, सरस भाषा में

Leave a Reply