आजकल हर्फ़ ब हर्फ तोल परख कर लिखतीं हूं
न जाने कौन सा मायना निकाल ले दुनिया!!
हर्फ़ ब हर्फ
Comments
11 responses to “हर्फ़ ब हर्फ”
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वाह क्या बात है। दो पंक्तियों की इतनी जीवंत कविता बहुत कम देखने को मिलती हैं। आपकी लेखनी बेहतरीन हैं।हर्फ़ ब हर्फ में भाषागत सौंदर्य निखर रहा है।
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Shukriya
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बहुत ख़ूब, क्या बात है
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Shukriya
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लाजवाब लेखनी
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Shukriya
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बेहतरीन
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Shukriya
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बहुत बढ़िया
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Shukriya
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लाजवाब
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