हां मान लेता हूं…

हां मान लेता हूं ,
अब नहीं होता ,पहले जैसा,
बार-बार वो इजहार करना ,
मगर मैं उस कस्तूरी-सा
जो कपड़ा फट जाए ,
मगर खुशबू नहीं छोड़े।

Comments

12 responses to “हां मान लेता हूं…”

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      Thank you

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

  2. सुन्दर उपमान, सुन्दर कविता

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद सर

  3. Praduman Amit

    बहुत ही सुन्दर भाव प्रकट हुआ है।

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद जी 🙏

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत बहुत धन्यवाद सुमन जी

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