हिन्दी गीत- तेरे रूप का सिंगार करूँ |
तेरे रूप का सिंगार करूँ |
तुझपे दिल निसार करूँ |
आंखो मे काजल लगा दूँ |
पांवो मे पायल पहना दूँ |
तेरी बांहों दिल बहार कर दूँ |
तेरे रूप का सिंगार करूँ |
बाली तेरे कानो मे पहनाऊंगा |
कील हीरे की नाक मे लगाऊँगा |
तेरे दिल मे जीवन गुजार सकूँ |
तेरे रूप का सिंगार करूँ |
चम चम बिंदिया लगाऊ माथे पे |
खन खन कंगना पहनाऊ हाथो मे|
तू है मेरी यही विचार करूँ |
तेरे रूप का सिंगार करूँ |
काँच की चूड़िया कोमल कलाइयो मे |
सुन के खनके मेरी याद तन्हाइयों मे |
तेरी आंखो मे वीहार करूँ |
तेरे रूप का सिंगार करूँ |
माला फूल चम्पा गले मे डालू मै |
काली जुल्फों फूल गजरा साजू मै |
हर गम तुझसे किनार करूँ |
तेरे रूप का सिंगार करूँ |
चाँद तारे सजा दूँ तेरी चुनरी मे |
तुझसे ही दिल लगाउँ ना दूसरी मे |
सुखी मै तेरा संसार करूँ |
तेरे रूप का सिंगार करूँ |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
हिन्दी गीत- तेरे रूप का सिंगार करूँ |
Comments
5 responses to “हिन्दी गीत- तेरे रूप का सिंगार करूँ |”
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Nice
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Thank you
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Nice
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6thank उ
You
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👌👌
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