होली का त्योहार है
मत झगड़ो मेरे यार,
प्रेम से हिलमिल के रहो
लिखो साहित्य अपार..
होली का त्योहार है”
Comments
6 responses to “होली का त्योहार है””
-
होली के त्यौहार पर प्रेम से मिलजुल कर रहने की और सुंदर साहित्य लिखने की प्रेरणा देती हुई कवि विवेक जी की बहुत सुंदर रचना
-

This comment is currently unavailable
-
सही बात है, बहुत सुंदर पंक्तियाँ
-
अतिसुंदर
-
Great
-

प्रेम से मिलजुल कर काव्य लिखने को प्रोत्साहित करती कभी विवेक सिंघल जी की सुंदर रचना
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.