होली

 

पलाश की खुशबू लिए होली के रंग,

भिगो जाते हैं खुशियों की मस्ती में ।

गुलाल का गुबार भर देता है

ऑंखों में अल्हड सपने।

छटा ऐसे लुभाती है….

कि सूने मन में ,

पल भर में जीवन की रंगत भर जाती है।

फिर मिलन की आस लिए रास्ता निहारती,

अकेली सांझ आती है।

और यही सोचता है मन ,

  1. कि क्यों होली बरस में एक बार आती है।।।।।

Comments

One response to “होली”

  1. रन्जन राय Avatar
    रन्जन राय

    नित्या मैम पलाश का क्या मतलब है

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