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  1. वाह, प्रात: काल की बेला का सुंदर चित्रण और दैनिक कार्य कलापों का इतने सहज रूप से वर्णन करती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही उम्दा प्रस्तुति,शिल्प और भाव का सुंदर समन्वय

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