आवाज

अपने आवाज को बुलंद करके देखो,
अपने वाणी में मधुरता घोल करके देखो।
पावनता में तुम एक बार जी कर देखो,
रिश्तों को हवा पानी खाद एक बार दे कर देखो।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

7 responses to “आवाज”

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  3. त्रुटियाँ हैं

  4. Satish Pandey

    अपनी आवाज को

  5. कवि के भाव अच्छे हैं

  6. बहुत बढ़िया

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