चाय में डूबे बिस्किट

चाय में डूबे बिस्किट
सी हो गयी है जिंदगी
कब टूट जाये,
कब घुल जाये
खबर नहीं

Comments

9 responses to “चाय में डूबे बिस्किट”

    1. Rakhi Gupta Avatar
      Rakhi Gupta

      Thanks for comment

    1. Rakhi Gupta Avatar
      Rakhi Gupta

      Thanks

  1. Rakhi Gupta Avatar
    Rakhi Gupta

    Thanks

  2. भावना अच्छी है परंतु उपमा नहीं

  3. Satish Pandey

    बहुत खूब

  4. जिंदगी की तुलना बिस्किट से की गई है यह एक नवीन प्रयोग है तथा बहुत ही सुंदर प्रयोग है

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