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  1. दीपक ‘तत्सम ‘ और सूरज “तदभव ” के माध्यम से लक्ष्यार्थ का वर्णन हुआ है, बहुत ही सुन्दर. दीपक को सूरज के सामने अपनी सीमा का भान है, वाह

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