20 Comments

  1. नारी युग युगांतर से पुरुषों के हाथों छलती आई। इतिहास आज भी गवाह है। रचना अच्छी है।

    1. गीताजी मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ ।
      कृपया आगे भी मार्गदर्शन करती रहे ।

  2. पुरुष को ईश्वर ने इसलिए ताकतवर बनाया कि वो नारी की रक्षा कर सके, किंतु जब रक्षक है भक्षक बं बैठे तो सज़ा उसे मिलनी चाहिए ,ना कि नारी को ।….बहुत सुंदर भाव👏

  3. बहुत ही बेहतरीन एवं सराहनीय प्रस्तुति
    नारी का प्राचीन समय से अब तक ,जो शोषण हो रहा है
    उसका यथार्थपरक चित्रण
    वास्तव में यह एक चिंता का विषय है, वर्तमान में इस शोषण को नारी ही खत्म कर सकती है , जागरूकता से।

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