कैसे मैं अकेला कर दूँ

‘आज कहता है दिल कि एक फैसला कर दूँ
तुझे दुनियाँँ के सारे सुख कहीं से लाकर दूँ..
तूने उस उम्र में सीने से लगाया हर पल,
तुझे इस उम्र में कैसे मैं अकेला कर दूँ..’

#वृध्द माँ

– प्रयाग

Comments

16 responses to “कैसे मैं अकेला कर दूँ”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत ही उम्दा
    मां
    ही सबसे सुंदर, अच्छी

    1. जी बिल्कुल

  2. उत्तम रचना

  3. Praduman Amit

    माँ के प्रति आपकी रचना बहुत ही सुन्दर है।

    1. धन्यवाद आपका

    2. दिल से आभार आपका

  4. Rajiv Mahali Avatar

    सुन्दर रचना

    1. धन्यवाद सर

  5. Geeta kumari

    मां के स्नेह से परिपूर्ण अति उत्तम रचना👏👏

  6. अतिसुन्दर

  7. Anu Singla

    पयारी रचना

    1. धन्यवाद जी

Leave a Reply

New Report

Close