न दुआ लगती है

‘न दुआ लगती है, न मुझको दवा मिलती है
ज़ख्म दुखता है अगर उसको हवा मिलती है..
किसी तरह से उसे दिल से निकाला था मगर,
वो अगले पल ही मुझे मुझमे रवाँ मिलती है.’

– प्रयाग

Comments

8 responses to “न दुआ लगती है”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर प्रस्तुति

    1. बहुत शुक्रिया आपका

Leave a Reply

New Report

Close