हे! सबला तू महान है

सहनशीलता की तू देवी ,
हर किरदारों में ढल लेती,
‘मानुष’ तेरी महिमा का ,
करता गुणगान है ,
हे! सबला, तू महान है।

अर्धांगिनी बनकर,
तुने हर धर्म निभाया ,
बंद मकान को ,
तूने घर बनाया ,
हर पति को होता,
तुझ पर बड़ा गुमान है ,
हे!सबला तू महान है।

मां बनकर तू‌ने,
बहुत दर्द सहा,
रोयी बहुत,
मगर कुछ ना कहा,
ममता तेरी निस्वार्थ,
तेरी पवित्रता की पहचान है ,
हे! सबला तू महान है।

बहन बनी जब,
तूने खुशियां बांटी,
प्रेम मिठाई हमेशा,
भाईयों को खिलाई,
अपना हिस्सा हमेशा ,
तूने किया बलिदान है,
हे!सबला तू महान है।

तू वीरांगना बनी,
तू प्रेरणा बनी
मातृभूमि की प्रतिष्ठा बनी,
रिश्तो से ऊपर भी,
तेरी अपनी एक मिशाल है
हे!सबला तू महान है

…….मोहन सिंह मानुष

Comments

16 responses to “हे! सबला तू महान है”

  1. Prayag Dharmani

    नारी के अस्तित्व का बेहतर चित्रण

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद

  2. Geeta kumari

    नारी के प्रत्येक व्यक्तित्व का बहुत ही सुंदर प्रस्तुतिकरण।
    भावुकता से परिपूर्ण अति सुंदर रचना।

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत आभार मैडम जी

  3. बहुत अच्छा लिखा है सर

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  4. An Ordinary Artist

    Bahut ache

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      🙏

  5. Rishi Kumar

    Nice

  6. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    🙏🙏🙏

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