तस्वीर हुआ जाता हूँ..

‘दे दे कोई तदबीर मुझे हरकत में रहने की,
मैं उसके तसव्वुर में तस्वीर हुआ जाता हूँ..’

– प्रयाग

मायने :
तदबीर – तरकीब/उपाय
तसव्वुर – सोच/विचार

Comments

12 responses to “तस्वीर हुआ जाता हूँ..”

  1. Satish Pandey

    बहुत खूब, अतिसुन्दर, वाह

    1. बहुत शुक्रिया

    1. शुक्रिया जी

  2. Geeta kumari

    बहुत सुंदर

    1. बहुत अभार आपका

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