मेरे मन का मोती,
मैं तुझको अर्पण कर जाऊं।
मेरे राम मेरे श्याम…
प्रभु मैं जपु तेरा नाम पल पल,
तुझमें ही खो जाऊं ।
मेरे मन का मोती ,
मैं तुझको अर्पण कर जाऊं।
मेरे राम मेरे श्याम ।
सुध लो प्रभु दुनिया की ,
यह नैन भी तरस गए ।
किस और किनारा है मेरा ,
बस नौका पार लगा दो ।
मेरे राम मेरे श्याम….
भूलूं कभी न तेरा नाम ,
यह अरदास जगा दे ।
तेरे से ही हो रौशन दुनिया मेरी,
तेरे पर ही वारी जाऊं।
मेरे मन का मोती मैं ,
तुझको अर्पण कर जाऊं।
मेरे राम मेरे श्याम….
मेरे मन का मोती…
Comments
14 responses to “मेरे मन का मोती…”
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद जी
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अतिसुंदर
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धन्यवाद सर
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सुन्दर भाव
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धन्यवाद जी
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जय श्री राधे श्याम
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धन्यवाद जी
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भक्ति भाव से प्रेरित बहुत सुंदर पंक्तियां
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हार्दिक धन्यवाद
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jai shree krishna.
radhey radhey.-

हार्दिक धन्यवाद
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सुंदर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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